School Magazine (E- Pravaah)
अभिभावक के नाम...विद्यालय का पत्र
प्रिय अभिभावकगण,
सादर नमस्कार
जैसा कि आप को ज्ञात है कि कुछ ही दिनों में आपके बच्चे की सत्रांत परीक्षाएं प्रारंभ होने जा रही हैं. आप में से कुछ के बच्चे बोर्ड परीक्षाओं में भी सम्मिलित होने जा रहे हैं. सत्रांत परीक्षाएं अध्ययन अध्यापन प्रक्रिया का मुख्य अंग है लेकिन यह देखने में आया है कि जहाँ आप और हम विद्यार्थी के अध्ययन को लेकर निरंतर संवाद स्थापित करते हैं वहीं परीक्षा जैसा प्रमुख अवसर कहीं चूक जाता है.
यह पत्र आप सभी को इस परीक्षा के उत्सव के संदर्भ में आपकी तैयारी और क्रियान्वित के विषय में जागरूक करने का प्रयास है.
आपके बालक/ बालिका इस समय पाठ्यक्रम के दोहरान को लेकर दबाव महसूस कर सकते हैं. वे अपनी सीमाओं और क्षमताओं को लेकर परेशान हो सकते हैं. वे सामाजिक एवं पारिवारिक महत्वाकांक्षाओं के कारण स्वयं को पिछड़ा मान सकते हैं. लेकिन ध्यान रहे उक्त में से कोई भी स्थिति उस विद्यार्थी के हित में नहीं होगी.
सर्वप्रथम हम प्रयास करें कि बच्चे परीक्षा को प्रतिभा प्रदर्शन का अवसर न मानकर प्रतिभा को पहचानने और उसे निखारने की प्रक्रिया माने. कोई भी परीक्षा आपके बच्चे के लिए अंतिम रूप से निर्णायक नहीं हो सकती क्योंकि सीखना एक अनवरत प्रक्रिया है. बच्चों को इस दौरान स्वस्थ तन और प्रसन्न मन की अति आवश्यकता होती है अतः अति सुपाच्य एवं पौष्टिक भोजन, हल्का व्यायाम और सहज मनोरंजन परीक्षा की तैयारी के चलते उपेक्षित नहीं होने चाहिए. ध्यान रखे कि आपका बच्चा परीक्षा के दौरान पूरी नींद ले.
परीक्षा के विषयों का प्रश्नपत्र के ब्लूप्रिंट के अनुसार दोहरान किया जाए. अधिक अंक भार और अच्छी तरह से समझी जा चुकी इकाइयों को दोहराने के बाद उन इकाइयों को पढ़ा जावे जिन्हे बच्चा इस समयअंतराल में ठीक से समझ सके. जिस विषयवस्तु को अब तक समझा नहीं जा सका है उसके मुख्य बिंदुओं मात्र पर काम किया जा सकता है. आप बतौर अभिभावक ध्यान दें कि आपका बालक इस दौरान ऑनलाइन माध्यम से ना पढ़ कर लिखित रूप से तैयारी करें. इससे अच्छे उत्तर लिखने का अभ्यास भी होता जाएगा. आपका बालक/ बालिका अपेक्षाकृत कठिन विषयों की पाठ्य सामग्री को सुबह के वक्त पढ़े व दोहराएँ जबकि आसान विषयों को सोने से पहले पढ़ा एवं दोहराया जा सकता है.
एक बात जो सबसे महत्वपूर्ण है, वह यह है कि आपके बच्चे को इस समय न केवल उचित माहौल की बल्कि प्यार और विश्वास की भी आवश्यकता महसूस होगी अतः समय समय पर उसे भावनात्मक सहारा भी देते रहें आपके बच्चे को कोई सबसे ज्यादा मजबूत सपोर्ट दे सकता है तो वह आप हैं. उसकी हौसला अफजाई करते रहें, उसके लिए नरम दिल, केयरफुल और प्यार से भरे रहें. हम आपसे अपने ह्रदय से गुजारिश करते हैं कि आप उसे अपनी उम्मीदों और महत्वाकांक्षाओं के बोझ तले ना दबाएं क्यों कि कई बच्चे इस बोझ को सहन नहीं कर पाते और समय से पहले ही मुरझा जाते हैं. उसे यदि कोई परेशानी है तो उसे आप सुने और उसका समाधान भी अवश्य करें. उसकी दूसरों से तुलना ना करें क्यों कि हर बच्चा अपने आप में अद्वितीय है, दूसरे से अलग है. उसकी अपनी क्षमताएँ और अपनी रुचियाँ हैं. उसकी क्षमताओं पर विश्वास करें और रुचिओं के अनुसार उसे आगे बढ़ने के अवसर दें. आप पॉजिटिव रहें और बच्चे को भी पॉजिटिव रखें. कोशिश करें कि घर का माहौल हल्का और प्रसन्नता से परिपूर्ण रहे ताकि आपका बच्चा भी प्रसन्न और तनावमुक्त रहे और परीक्षा को भी तनावमुक्त होकर दे.
हमें पूरा विश्वास है कि आप भी परीक्षा के इस उत्सव को अपने बच्चों के साथ बड़े उत्साह के साथ पूर्णता प्रदान करेंगे.
हमारे पूरे विद्यालय परिवार की तरफ से आपको और आपके बच्चे को शुभकामनाएं.
Keshav Das GuptaIncharge CBSE Exam
Letters of Gratitude From Students
On World Mental Health Day
Kirti Saini, Class 8B

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Komal Meena, Class 9B

Anonymous

Tannu Meena, Class 6B

Yashika Prajapati, Class 11B
